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JAMSHEDPUR-बाबासाहेब एजुकेशनल क्रिएटर अवॉर्ड्स–2026: शिक्षा, नवाचार और समाज सेवा का भव्य संगम

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JAMSHEDPUR

टुइलाडुंगरी गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के अध्यक्ष सतबीर सिंह शामिल रहे।

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जमशेदपुर | विशेष रिपोर्ट
शिक्षा, नवाचार और डिजिटल युग की नई संभावनाओं को एक मंच पर लाने वाला भव्य आयोजन “Babasaheb Educational Creator Awards–2026” आज जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन के चित्रकूट हॉल में अत्यंत गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह आयोजन IQS (International Quiz Study) द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसका उद्देश्य शिक्षा, ज्ञान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देना था।

यह कार्यक्रम विशेष रूप से भारत के संविधान निर्माता Dr. B. R. Ambedkar की जयंती (14 अप्रैल) के पावन अवसर पर आयोजित किया गया, जिससे आयोजन को सामाजिक और वैचारिक दृष्टि से एक नई ऊँचाई मिली। शाम 5:00 बजे से 7:00 बजे तक चले इस कार्यक्रम में शहर के शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, मीडिया प्रतिनिधियों और युवा प्रतिभाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पश्चिमी जमशेदपुर के विधायक माननीय श्री सरयू राय जी के करकमलों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस पारंपरिक विधि के माध्यम से ज्ञान, प्रकाश और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दिया गया। दीप प्रज्वलन के साथ ही पूरे सभागार में एक आध्यात्मिक और प्रेरणादायक वातावरण निर्मित हो गया।

कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित अतिथियों में शिक्षाविद् डॉ. डी. पी. शुक्ला, तुलसी भवन के मानद महासचिव डॉ. प्रसेनजित तिवारी, शिक्षाविद् डॉ. रागिनी भूषण, टुइलाडुंगरी गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के अध्यक्ष सतबीर सिंह शामिल रहे, जिनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।

मुख्य अतिथि का स्वागत IQS के फाउंडर एवं डायरेक्टर अनिल कुमार मौर्य द्वारा गुलाब का फूल, शॉल और मोमेंटो भेंट कर किया गया। वहीं अन्य विशिष्ट अतिथियों—डॉ. डी. पी. शुक्ला, डॉ. प्रसेनजित तिवारी और डॉ. रागिनी भूषण—का स्वागत रघुवंश सिंह तोमर एवं परमानन्द मोदी द्वारा सम्मानपूर्वक किया गया।

इस पूरे आयोजन का प्रभावी और सुसंगठित संचालन साहित्यकार पूनम महानंद द्वारा किया गया, जिन्होंने अपनी भाषा शैली और प्रस्तुति से कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।

इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं था, बल्कि यह एक ऐसी पहल थी जो डिजिटल शिक्षा, AI आधारित लर्निंग और समाज में ज्ञान के प्रसार को बढ़ावा देने के लिए समर्पित थी।

IQS द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने-अपने शैक्षणिक वीडियो प्रस्तुत किए, जिनमें शिक्षा को सरल, रोचक और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के प्रयास स्पष्ट रूप से देखने को मिले।

इन वीडियो का चयन एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया गया और आज के इस समारोह में चयनित प्रतिभागियों को आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। चयनित प्रतिभागियों में प्रमुख रूप से डॉ. ईआर. रत्नेश गुप्ता, डॉ. तपन कुमार शंकर, कवलजीत कौर, सरबजीत कौर, तारिक हबीबी, उज्जवल पाठक, एमएस इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, टारगेट वोकेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी थे।

इन सभी को मंच पर बुलाकर गुलाब का फूल, प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट) और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करते समय प्रतिभागियों के चेहरे पर गर्व और उत्साह साफ झलक रहा था।

अतिथियों के प्रेरणादायक वक्तव्य

मुख्य अतिथि सऱयू राय जी के विचार:

मुख्य अतिथि सऱयू राय जी ने अपने संबोधन में कहा—
“आज का युग ज्ञान और तकनीक का युग है। ऐसे आयोजनों से युवाओं को एक नई दिशा मिलती है। डिजिटल माध्यमों के जरिए शिक्षा को आमजन तक पहुँचाना समय की आवश्यकता है, और IQS का यह प्रयास सराहनीय है।”

डॉ. डी. पी. शुक्ला:

“शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रह गई है। अब यह डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से हर घर तक पहुँच रही है। ऐसे आयोजनों से नवाचार को बढ़ावा मिलता है।”

डॉ. प्रसेनजित तिवारी:

“तुलसी भवन जैसे सांस्कृतिक स्थल पर इस प्रकार का आयोजन होना गर्व की बात है। यह न केवल शिक्षा बल्कि समाज के विकास का प्रतीक है।”

डॉ. रागिनी भूषण:

“महिलाओं और युवाओं की भागीदारी इस कार्यक्रम में प्रेरणादायक रही। शिक्षा के क्षेत्र में यह एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है।”

इस आयोजन को सफल बनाने में कई प्रतिष्ठित संस्थाओं और मीडिया संगठनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रमुख पार्टनर्स में— B2world, Digital Sunil, Pixel Enterprises, Yuvaatar Filmes, IPTA, वहीं मीडिया पार्टनर्स के रूप में— न्यूज़ धमाका, जमशेदपुर मिरर, डेली डोज (द सिख मीडिया), द न्यूज़ फ्रेम, न्यूज़ दहशत ने इस आयोजन को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस आयोजन को सफल बनाने में रजनीश आनंद, अमित कुमार, गुरदीप सिंह सलूजा, कमलेश गिरी और मारुति नंदन मिश्रा का योगदान सराहनीय रहा।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से समाजसेवी सह एमएस आईटीआई के डायरेक्टर खालिद इक़बाल, मेहरून निशा, मुरली ग्रुप ऑफ़ इंस्टीटूशन्स के डायरेक्टर पी के मूरली, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के जिला अध्यक्ष एस एन पॉल, आतिफ खान, विकटर एवं अन्य सभी शामिल हुए।

IQS के संस्थापक एवं निदेशक अनिल कुमार मौर्य ने अपने संबोधन में कहा—
“हमारा उद्देश्य केवल पुरस्कार देना नहीं है, बल्कि उन प्रतिभाओं को पहचान देना है जो समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। Babasaheb Ambedkar के विचारों से प्रेरित होकर हम शिक्षा को हर व्यक्ति तक पहुँचाना चाहते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि IQS भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से युवाओं को एक सशक्त मंच प्रदान करता रहेगा।

कार्यक्रम के अंत में परमानन्द मोदी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, सहयोगियों और मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से ही यह आयोजन सफल हो पाया है।

“Babasaheb Educational Creator Awards–2026” केवल एक पुरस्कार समारोह नहीं, बल्कि एक विचार, एक आंदोलन और एक प्रेरणा बनकर उभरा। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि यदि सही दिशा और मंच मिले, तो युवा न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बल्कि समाज के हर क्षेत्र में परिवर्तन ला सकते हैं।

यह कार्यक्रम न केवल प्रतिभाओं को सम्मानित करने का माध्यम बना, बल्कि समाज में शिक्षा और डिजिटल लर्निंग के महत्व को भी स्थापित करने में सफल रहा।

आने वाले समय में IQS द्वारा आयोजित इस प्रकार के कार्यक्रम निश्चित रूप से भारत के शैक्षणिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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