chanderkona/jamshedpur-चंद्रकोना गुरुद्वारा के प्रेसिडेंट स्वर्गीय जतिंदर सिंह सेखों के अंतिम अरदास में विभिन्न राज्यों से पहुंची संगत, दी श्रद्धांजलि.

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खड़गपुर खड़िदा गुरुद्वारा साहिब में संगत ने की अरदास, सेखों परिवार ने सभी का जताया आभार
जमशेदपुर। चंद्रकोना गुरुद्वारा के प्रेसिडेंट स्वर्गीय जतिंदर सिंह सेखों के अंतिम अरदास में विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में सिख संगत एवं सामाजिक प्रतिनिधियों ने शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
खड़गपुर खड़िदा गुरुद्वारा साहिब में आयोजित अंतिम संस्कार एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सेंट्रल गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के जनरल सेक्रेटरी गुरचरण सिंह बिल्ला, सेंट्रल सिख नौजवान सभा के प्रधान अमरीक सिंह, टिनप्लेट गुरुद्वारा के सलाहकार सुरिंदर सिंह छिंदे, कैशियर मनजीत सिंह संधू, हर्षदीप सिंह अमर एवं वीर सिंह, टिनप्लेट गुरुद्वारा नौजवान सभा के चेयरमैन जसवंत सिंह शाहपुर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
स्वर्गीय जतिंदर सिंह सेखों को श्रद्धांजलि देने के लिए झारखंड, बिहार, ओडिशा, बंगाल, बोकारो तथा गुरु सिंह सभा कोलकाता सहित विभिन्न स्थानों से संगत खड़गपुर पहुंची। संगत ने उनकी आत्मिक शांति के लिए अरदास की तथा शोक संतप्त परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान किया।
इस अवसर पर उपस्थित प्रतिनिधियों एवं संगत ने स्वर्गीय जतिंदर सिंह सेखों के गुरुद्वारा साहिब एवं सिख समाज के प्रति योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
सेखों परिवार ने संगत का जताया आभार
अंतिम अरदास में शामिल होकर स्वर्गीय जतिंदर सिंह सेखों को श्रद्धांजलि देने पहुंची समस्त संगत के प्रति सेखों परिवार की ओर से वीर गुरदीप सिंह, दीपा सेखों, ठाकर सिंह सेखों, स्वर्गीय जतिंदर सिंह सेखों के पुत्र बाज सिंह सेखों एवं उनकी धर्मपत्नी सहित पूरे परिवार ने हार्दिक धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।
अंतिम समय में बच्चों ने की सेवा।
इस संबंध में सीजीपीसी महासचिव गुरचरण सिंह बिल्ला ने बताया कि सरदार जतिंदर सिंह जी अंतिम दिनों में काफी कमज़ोर हो चुके थे तथा गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, ऐसे में उनकी बेटी जसलीन कौर एवं उनके बेटे ने उनकी बहुत सेवा की, बताया जा रहा है कि इस दौरान उनकी बेटी ने अपनी बंगलौर की नौकरी छोड़कर पिता के साथ रहकर उनकी सेवा की।
गुरचरण सिंह बिल्ला ने बताया कि चंद्रकोना गुरुद्वारा साहिब के प्रधान स्वर्गीय जतिंदर पाल सिंह सेखो के पिता ख्याल सिंह स्कूटर पर खड़कपुर से चंद्रकोना साहिब गए थे। उन्होंने महंतों से मिलकर उस जगह के बारे में बताया, जहां गुरु नानक देव जी अपनी पहली उदासी में पहुंचे थे। उन्होंने उस जगह की बहुत सेवा की और गुरुद्वारा साहिब बनवाया।
फिर, वे झारखंड, बीघा, बंगाल, बिहार और उड़ीसा के भक्तों को गुरु महाराज की जगह के दर्शन कराने ले गए।
अगर हम जतिंदर पाल सिंह जी की ज़िंदगी देखें, तो उनकी ज़िंदगी किसी संत से कम नहीं थी। उन्होंने अपनी ज़िंदगी में बहुत संघर्ष किया। उन्होंने अपनी ज़िंदगी सादगी और सरलता से जी और आखिरी समय तक गुरु घर की सेवा करते रहे।
ये समाचार आप सेन्ट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी जमशेदपुर, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी गौरीशंकर रोड जुगसलाई, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सोनारी,गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी मानगो, एवं सरदार सुरेन्द्र पाल सिंह जी “टिटू” स्टेट चेयरमैन बिल्डर्स एशोसिएशन ऑफ इंडिया ( झारखंड राज्य), गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी साक्ची,गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी नामदा बस्ती,गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सीतारामडेरा,गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी टिनप्लेट,दुपट्टा सागर बिस्टुपुर के सौजन्य से प्राप्त कर रहे हैं।
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