Loading ...

jamshedpur-हम सबने ठाना है अब सिखों को जगाना है-हरमिंदर सिंह मिंदी,know more about it.

---Advertisement----
---Advertisement----
---Advertisement----
🔇
×
---Advertisement----

jamshedpur

दिलों पर राज करेगा खालसा,जनसेवा की है लालसा

जमशेदपुर:”झारखंड में सिखों को लोकसभा,राज्यसभा और विधानसभा चुनाव में लगातार नजर अंदाज किया जा रहा है.सिखों के पास हरसंभव साधन और शक्ति के बावजूद हम गैर सिखों को मजबूत बनाने में एक पैर पर खड़े रहे हैं.अब वक्त आ गया है जब पूरे झारखंड में सिखों को जागरूक करने में हम पीछे नहीं हटेंगे,इसकी शुरुआत सोशल मीडिया पर भी शुरू हो गई है.”

उक्त बातें आज जमशेदपुर में सिखों की आवाज उठाने वाले रिफ्यूजी कॉलोनी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के चेयरमैन हरमिंदर सिंह मिंदी ने एक बयान जारी कर कहीं है.उन्होने कहा है कि इस बार सिखों को नजरंदाज नहीं किया जा सकता है और हम सब झारखंड में एकजुटता के साथ खड़े हो कर रहेंगे.उन्होने कहा कि विगत कई वर्षों से विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रदेश से लेकर जिला कमेटियों और विभिन्न मंचों पर सिखों को नकारते देखा जा रहा है जो कि एक सुनियोजित साजिश है.वे बोले झारखंड का एक-एक सिख इस साज़िश को समझ चुका है जिसका जवाब आगामी विधानसभा चुनाव में नजर आ जाएगा.

सम्बंधित खबरें



jamshedpur/chandigarh-जसवंत सिंह जी के मृत्यु से जमशेदपुर से सिख संगत में शोक का माहौल.



JAMSHEDPUR-पंजाब में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी पर उम्रकैद और 25 लाख रुपये जुर्माने का नया कानून लागू.



jamshedpur-टिनप्लेट गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान पद के उम्मीदवार सरदार गुरदयाल सिंह मानावाल ने अपनी स्थिति साफ की.



jamshedpur-स्त्री सत्संग सभा की पूर्व प्रधान स्वर्गीय गुरमीत कौर का अंतिम अरदास का कार्यक्रम नामदा बस्ती गुरुद्वारा में 21 अप्रैल को.


श्री मिंदी ने कहा कि बहुत जल्द हम झारखंड के चार जिलों में सिख सम्मेलन करेंगे जिसमें हर घर से सिखों को आमंत्रित किया जाएगा.विभिन्न जिलों में सिख समाज और झारखंड की मूलभूत सुविधाओं से संबंधित मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया पर एक जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा.उन्होंने कहा कि झारखंड की सिख नामधारी संस्थाओं को एकजुट कर एक समन्वय समिति बनाई जाएगी जिसमें गैर राजनीतिक दलों जुड़े सिख व पंजाबी भाषी युवाओं,महिलाओं और बुजुर्गो को सिख बहुल विधानसभा क्षेत्र से जोड़ा जाएगा.वे बोले झारखंड में न सिखों को नौकरी मिल रही है न जाति प्रमाण पत्र मिल रहा है बस झूठा आश्वासन मिल रहा है.झारखंड में सिख व पंजाबी भाषी बच्चों को स्कूल-कॉलेजों में भी प्राथमिकता नहीं मिल रही है जबकि हम अल्पसंख्यक हैं और हमारे समाज में भी ओबीसी,दलित और पिछड़े वर्ग की बहुत बड़ी आबादी झारखंड में दशकों से निवास करती आ रही है इसलिए अब साढा हक ऐथे रख पर भी जोर दिया जाएगा और केवल वोटर के रूप में इस्तेमाल होने से काम नहीं चलेगा.

jamshedpur
jamshedpur
jamshedpur

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *