THAILAND/JAMSHEDPUR-थाईलैंड में सम्मानित हुए हरविंदर, दो माह तक गुरमत प्रचार का लंगर चला लौटे स्वदेश.

DAILY DOSE 24/7
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गुरु नानक की ज्योति थाईलैंड में जगमगाई: हरविंदर सिंह जमशेदपुरी ने दो माह तक गुरमत प्रचार का अनुपम लंगर चलाया.
जमशेदपुर के युवा सिख धर्म प्रचारक और विचारक ज्ञानी हरविंदर सिंह जमशेदपुरी को थाईलैंड (बैंकाक) में गुरमत प्रचार के लिए सम्मानित किया गया। अपने दो माह के बैंकाक प्रवास के बाद शनिवार को स्वदेश लौट आये। अपने अनुभव साझा करते हुए हरविंदर सिंह जमशेदपुरी ने कहा कि चरणसणीत्वोंग (बैंकाक) में रह रहे प्रवासी सिखों का सिखी, गुरबाणी और गुरमत के प्रति अप्रत्याशित लगाव और सम्मान देखकर उन्हें बहुत संतुष्टि हुई।
हरविंदर सिंह जमशेदपुरी को गुरुद्वारा साहिब के उपाध्यक्ष सरदार रणजीत सिंह, कोषाध्यक्ष कुलवंत सिंह एवं साथ ही साथ रविंदरपाल सिंह और भूपिंदर सिंह ने सिरोपा और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया।
हरविंदर सिंह जमशेदपुरी चरणसणीत्वोंग (बैंकाक) स्थित गुरु नानक सेंटर एसोसिएशन गुरुद्वारा साहिब में 25 मई से 25 जुलाई तक वहां की संगत के बीच गुरमत प्रचार और रहत मर्यादा का खूब प्रचार किया। थाईलैंड में दो माह की धार्मिक प्रचार यात्रा पूरी कर स्वदेश लौटे हरविंदर सिंह जमशेदपुरी ने एक नई प्रेरणा की लहर पैदा की है।
हरविंदर सिंह जमशेदपुरी, जो जमशेदपुर में गुरमत प्रचार सेंटर से जुड़े हैं, ने शनिवार को स्थानीय सिख समुदाय के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने थाईलैंड के सिखों में विशेषकर गुरु नानक सेंटर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजपाल सिंह नारंग की सेवा भावना और धार्मिक निष्ठा की जमकर सराहना की। इस यात्रा ने सिख धर्म के वैश्विक विस्तार को दर्शाया जहां प्रवासी समुदाय गुरु ग्रन्थ साहिब जी के सिद्धांतों को अपने दैनिक जीवन में उतारकर एक आदर्श प्रस्तुत कर उदहारण बन रहे हैं।
जमशेदपुरी ने बताया कि थाईलैंड में चरणसणीत्वोंग (बैंकाक) स्थित गुरु नानक सेंटर एसोसिएशन गुरुद्वारा साहिब में आयोजित प्रचार सभाओं ने सिखी की एकता और सेवा की भावना को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
हरविंदर सिंह जमशेदपुरी ने मजबूती से उद्धृत करते हुए कहा, कि थाईलैंड के सिखों में सेवा भावना और गुरमत के प्रति सम्मान अद्भुत है। उन्होंने आगे कहा कि प्रवासी सिखों का सिखी, गुरबाणी और गुरमत के प्रति लगाव देखकर उन्हें गहन संतुष्टि हुई है। जमशेदपुरी ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि राजनीति से परे, गुरुघर के प्रधान नहीं सेवक बनकर सेवा करते हैं थाईलैंड के सिख जो सिख धर्म की मूल शिक्षा को रेखांकित करता है, जहां सेवा को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है और कोई पद या राजनीतिक प्रभाव सेवा भावना को प्रभावित नहीं करता।
उन्होंने जमशेदपुर के युवाओं से भी अपील की कि वे सिख धर्म की सेवा भावना को अपनाकर वैश्विक स्तर पर फैलाएं ताकि गुरु नानक देव जी का संदेश हर दिल तक पहुंचे। थाईलैंड जैसे देशों में सिखों की सेवा भावना न केवल धार्मिक एकता को बढ़ावा देती है बल्कि विश्व शांति और समानता के सिद्धांतों को भी प्रचारित करती है।
अंत में, हरविंदर सिंह जमशेदपुरी के शब्दों में ही कहा जाए तो यह यात्रा सिख धर्म की अनंत ज्योति का प्रमाण है। ऐसे प्रयास सिख समुदाय को वैश्विक चुनौतियों से निपटने की शक्ति प्रदान करते हैं।
ये समाचार आप सेन्ट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी जमशेदपुर, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी गौरीशंकर रोड जुगसलाई, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सोनारी,गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी मानगो, एवं सरदार सुरेन्द्र पाल सिंह जी “टिटू” स्टेट चेयरमैन बिल्डर्स एशोसिएशन ऑफ इंडिया ( झारखंड राज्य), गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी साक्ची,गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी नामदा बस्ती,गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सीतारामडेरा,गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी टिनप्लेट,दुपट्टा सागर बिस्टुपुर के सौजन्य से प्राप्त कर रहे हैं।
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