jamshedpur-अकाल ऐकडमी बड़ू साहिब के विद्यार्थियों की ये है दिनचर्या। जानकर आप हो जाएंगे हैरान।

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विद्यार्थियों के सरंक्षक सरदार विक्रमजीत सिंह से औपचारिक बातचीत।
ये समाचार आप सेन्ट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी जमशेदपुर,गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सोनारी,गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी मानगो,गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी टुईलाडुंगरी, सरदार सुरेन्द्र पाल सिंह जी “टिटू” स्टेट चेयरमैन बिल्डर्स एशोसिएशन ऑफ इंडिया ( झारखंड राज्य) देशी डिलाइट्स,रिफ्यूजी कालोनी, बीबी इंद्रजीत कौर( President Istri Satsang Sabha Gourishanker Road) गुरु रामदास सेवा दल सोनारी,गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी साक्ची,गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी नामदा बस्ती,गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सीतारामडेरा,गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी टिनप्लेट,दुपट्टा सागर बिस्टुपुर के सौजन्य से प्राप्त कर रहे हैं।
जमशेदपुर: सेन्ट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के सहयोग से कोल्हान के विभिन्न गुरुद्वारों मे चल रहे लड़ीवार शहीदी समागम में हिमाचल प्रदेश स्थित अकाल ऐकडमी बड़ू साहिब से लौहनगरी विशेष रूप से आये विद्यार्थियों द्वारा पुरातन साज (तंती साज) द्वारा गुरबाणी शबद किर्तन गायन जमशेदपुर की संगत के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
अकाल ऐकडमी बड़ू साहिब के विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से प्रभावित होकर सिख मीडिया एवं डेली डोज़ न्यूज़ चैनल के एडिटर ने उनके बारे में विद्यार्थियों के सरंक्षक सरदार विक्रमजीत सिंह से औपचारिक बातचीत की।
सरदार विक्रमजीत सिंह ने बताया कि उक्त विद्यार्थी हिमाचल प्रदेश में स्थित अकाल ऐकडमी बड़ू साहिब के अन्तर्गत अपनी एजूकेशन के साथ साथ गुरमत ज्ञान की शिक्षा भी लेते हैं।
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अगर उनकी डेली रुटिन की बात करें तो वह रात्रि 12:30 बजे उठ जाते हैं। और स्नान आदि करने के उपरांत अकाल ऐकडमी परिसर में स्थित गुरुद्वारे मे पूरी मर्यादा से श्री गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश करना और नित्तनेम, सुखमनी साहिब का पाठ एवं आसा दी वार किर्तन से दिन की शुरुआत करते हैं। उन्होंने कहा कि उन बच्चों से छोटी उम्र में ही उक्त नियम करवाने का उद्देश्य है कि बच्चे गुरबाणी से जुड़ें। तथा सांसारिक व्यवहार के साथ साथ अध्यात्मिक ज्ञान की जानकारी प्राप्त करें।
यदि बच्चे किसी समागम के दौरान बाहर भी जाते हैं तो भी उन्हें उक्त नियमों का पालन पूरी शिद्दत से करना होता है। बड़ू साहिब के विद्यार्थी समागम के लिए देश या विदेश कहीं भी जाएं अपनी किताबों को अपने साथ ही रखते हैं। और खाली समय में स्टडी भी करते हैं। वर्तमान में जमशेदपुर पहुंचे अकाल ऐकडमी बड़ू साहिब के बच्चों में एक दसवीं क्लास का छात्र है। और वह अपने साथ बुक्स भी लेकर आया है। ताकि खाली समय में स्टडी कर सके।
सरदार विक्रमजीत सिंह ने कहा कि अकाल ऐकडमी का उद्देश्य है कि बच्चों में गुरमत ज्ञान के साथ साथ ऐजूकेशन भी जरूरी है। उन्होंने खाने पीने की सामग्री के लाखों रुपए के लंगर लगाने वालों पर निशाना साधा और कहा कि आज पंथ को जरुरत मंद सिख बच्चों के लिए ऐजूकेशन के लंगर लगाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अकाल ऐकडमी में लगभग 75000 बच्चे शिक्षा ले रहे हैं। जिसमें 10000 बच्चों को फ्री शिक्षा दी जा रही है।(नीचे पढें पूरी खबर)
उन्होंने आगे कहा कि अकाल ऐकडमी बड़ू साहिब संस्थान का उद्देश्य है कि उनके संस्थान से पढ़कर निकलने वाले बच्चे समाज में अच्छे आचरण एवं भविष्य में अपने जीवन में नम्रता से जीना सिखें।
अंत में सरदार विक्रमजीत सिंह ने सिख समाज को संबोधित करते हुए कहा कि वह अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उनका दाखिला अकाल ऐकडमी में करवाएं। एक बार खुद विजीट करें। और वहाँ का वातावरण देखें।
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