Nanded/jamshedpur-रंगरेटा महासभा टाटा के नेतृत्व में 400 श्रद्धालुओं का जत्था बाबा जीवन सिंह जी के प्रकाश दिहाड़े में हुआ शामिल.

Daily Dose 24/7
sikh media
श्रद्धा व भक्ति से सराबोर हुआ तख्त श्री हजूर साहिब
नांदेड़ / जमशेदपुर:
शिरोमणि शहीद बाबा जीवन सिंह जी के पावन प्रकाश दिवस के शुभ अवसर पर सचखंड श्री हजूर साहिब (नांदेड़) में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस ऐतिहासिक धार्मिक समागम में पूरे भारत के कोने-कोने से हजारों की संख्या में सिख संगत एकत्र हुई, जिससे नांदेड़ साहिब की पावन धरती पूरी तरह से धर्ममय हो गई।
झारखंड के जमशेदपुर (टाटानगर) से भी ‘रंगरेटा महासभा’ के बैनर तले लगभग 400 श्रद्धालुओं का एक विशाल जत्था नांदेड़ साहिब पहुंचा। तख्त श्री हजूर साहिब की पवित्र भूमि पर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने नतमस्तक होकर माथा टेका, वाहेगुरु जी का शुकराना अदा किया और इस ऐतिहासिक चेतना मार्च का हिस्सा बनकर अपने जीवन को धन्य माना।
पावन नगर कीर्तन और चेतना मार्च का भव्य दृश्य
धार्मिक मर्यादा और पूरे अनुशासन के साथ सुबह 10 बजे महाराष्ट्र स्थित बाबा बांदा सिंह घाट से भव्य नगर कीर्तन (शोभा यात्रा) की शुरुआत हुई।
गगनभेदी जयकारे: जब नगर कीर्तन नांदेड़ साहिब के अलग-अलग ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन करते हुए सचखंड श्री हजूर साहिब पहुंचा, तो पूरी नगरी “बाबा जीवन सिंह जी महान हैं, सिख पंथ की शान हैं” और “बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के गगनचुंबी जयकारों से गूंज उठी।
गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर समस्त सिख संगत ने सामूहिक अरदास में भाग लिया और देश व दुनिया की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने गुरु का अटूट लंगर ग्रहण किया।
ऐतिहासिक बना प्रकाश दिहाड़ा
तख्त श्री हजूर साहिब में इस बार शिरोमणि शहीद बाबा जीवन सिंह जी का प्रकाश दिहाड़ा अत्यंत ऐतिहासिक और अलौकिक रूप से मनाया गया।
रंगरेटा महासभा झारखंड के प्रधान मनजीत सिंह ने इस अवसर पर कहा कि “यह वाहेगुरु जी की अपार कृपा है कि हमें इस पावन अवसर पर सेवा का सौभाग्य मिला। जब तक शरीर में सांस रहेगी, तब तक श्रद्धालुओं को ऐसे ही ऐतिहासिक गुरुद्वारों और पावन स्थलों के दर्शन कराते रहेंगे।”
नगर कीर्तन में मुख्य रूप से शामिल श्रद्धालु
इस पावन नगर कीर्तन व धार्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों, बुजुर्गों और बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहने वालों में:
मनजीत सिंह गिल, गुरमुख सिंह मुखे, जसबीर सिंह पादरी, नंदा बस्ती गुरुद्वारा के प्रधान दलजीत सिंह, सुखदेव सिंह मिट्ठू, साहिब सिंह, बलबीर सिंह बिरे, त्रिलोक सिंह, बलविंदर कौर, बलजीत सिंह, रणजीत सिंह फौजी, चरणजीत कौर, किरणदीप कौर, सतनाम कौर, इंद्रजीत कौर इंदु, आशा कौर, सेंट्रल की अध्यक्ष बीबी दलबीर कौर एवं कुर्म सिंह सहित सैकड़ों श्रद्धालु शामिल थे।
पंज प्यारों की अगवाई: श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्र छाया और पंज प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन आगे बढ़ा।
शबद-कीर्तन व भक्ति भाव: पूरे रास्ते बैंड-बाजे, ढोलक और चिमटों की गूंज के साथ संगत शबद गायन करते हुए पूरी तरह भक्ति भाव में लीन रही। सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (CGPC) के पूर्व प्रधान गुरमुख सिंह मुखे स्वयं ढोलक बजाते और शबद गाते हुए संगत के साथ आगे बढ़ रहे थे।
ये समाचार आप सेन्ट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी जमशेदपुर, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी गौरीशंकर रोड जुगसलाई, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सोनारी,गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी मानगो, एवं सरदार सुरेन्द्र पाल सिंह जी “टिटू” स्टेट चेयरमैन बिल्डर्स एशोसिएशन ऑफ इंडिया ( झारखंड राज्य), गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी साक्ची,गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी नामदा बस्ती,गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सीतारामडेरा,गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी टिनप्लेट,दुपट्टा सागर बिस्टुपुर के सौजन्य से प्राप्त कर रहे हैं।
Top Stories