jamshedpur-13-14 दिसम्बर को गुरु श्री तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर सजेगा 75वां महान कीर्तन दरबार

jamshedpur
sikh media jamshedpur
मनीफिट में दरबार साहिब के हजूरी रागी भाई सतिंदरबीर सिंह और कथावाचक चमकौर सिंह धन करेंगे संगत को निहाल
ये समाचार आप सेन्ट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी जमशेदपुर,गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सोनारी,गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी मानगो,गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी टुईलाडुंगरी, सरदार सुरेन्द्र पाल सिंह जी “टिटू” स्टेट चेयरमैन बिल्डर्स एशोसिएशन ऑफ इंडिया ( झारखंड राज्य) देशी डिलाइट्स,रिफ्यूजी कालोनी, बीबी इंद्रजीत कौर( President Istri Satsang Sabha Gourishanker Road),गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी साक्ची,गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी नामदा बस्ती,गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सीतारामडेरा,गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी टिनप्लेट,दुपट्टा सागर बिस्टुपुर के सौजन्य से प्राप्त कर रहे हैं।
सिख पंथ के नौवें पातशाह, हिन्द दी चादर, धर्म के रक्षक महान शहीद-श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी महाराज तथा भाई सती दास जी, भाई मति दास जी और भाई दयाला जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित कल और परसों 13 व दिसम्बर को मनिफिट के डीवीसी मैदान में दो दिवसीय 75वाँ भव्य कीर्तन व कथा दरबार सजाया जा रहा है।

यह पवित्र समागम सिख नौजवान सभा (मनिफिट यूनिट) के तत्वावधान में साध-संगत के अपार सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। दो दिन तक चलने वाले इस आस्था के महासाग़र में श्री दरबार साहिब, अमृतसर के हजूरी रागी भाई सतिन्दरबीर सिंह,
प्रख्यात कथावाचक ज्ञानी चमकौर सिंह धन, भाई गुरप्रताप सिंह पदम (ढाडी जत्था) एवं भाई हरमीत सिंह टाटानगर वाले कीर्तनिये संगत को गुरबाणी का रसपान कराएंगे।
सक्रिय सदस्य सुरेंदर सिंह सन्नी के अलावा तरसेम सिंह, हरपाल सिंह, मनजीत सिंह, अमरीक सिंह, राजेन्द्र सिंह, गजराग सिंह, जसबीर सिंह, राजेन्द्र सिंह गोल्डी, परमजीत सिंह, सतनाम सिंह और गुरमीत सिंह कीर्तन समागम की तैयारी में जुटे हुए हैं।
संगत इन महान रागियों व कथावाचकों के मुखारविंद से गुरु तेग बहादुर साहिब जी के बलिदान, उनकी धर्म रक्षा की गाथा और गुरबाणी की अमृतवाणी सुनकर निहाल होगी।आयोजन समिति के सक्रीय सदस्य सरदार सुरेन्द्र सिंह सन्नी ने बताया कि दोनों दिन दोपहर व शाम को गुरु का अटूट लंगर बरताया जायेगा, साथ ही चाय-जलपान की पूरी व्यवस्था रहेगी। उन्होंने कोल्हान क्षेत्र की समस्त साध-संगत से विनम्र विनती करते हुए कहा है कि गुरदर्शन के लिए अधिक से अधिक संख्या में डीवीसी मैदान में हाजरी भर गुरुघर की खुशियां और आशीर्वाद प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक 75वें समागम को गुरु की उसतत कर यादगार बनाएं।